
ट्रांसजेंडर्स के वेलफेयर के लिए चंडीगढ़ में गरिमा गृह शेल्टर होम बनाया जाएगा। होम सेक्रेटरी नितिन यादव ने बाकी विभागों के साथ ट्रांसजेडर्स के वेलफेयर को लेकर मीटिंग की।
इस मीटिंग में ट्रांसजेंडर पर्सन (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) एक्ट 2019 के तहत क्या काम किए जा सकते हैं, उस पर चर्चा की गई। सत्र के दौरान ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण से संबंधित कई पहलुओं पर चर्चा की गई। सेक्रेटरी सोशल वेलफेयर श्री नितिन कुमार यादव ने मीटिंग में चीफ आर्किटेक्ट को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द ही ऐसा सिस्टम तैयार करें जिससे चंडीगढ़ में ट्रांसजेंडर्स के लिए गरिमा गृह या शेल्टर होम आर्किटेक्ट से बनाने के लिए जल्द जमीन मिल सके। इसके लिए गवर्नमेंट ऑफ इंडिया की तरफ से जारी दिशा निर्देशों के तहत काम करने के लिए कहा गया है। बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि विशेष रूप से चिकित्सा उपचार और सर्जरी के लिए पहचान प्रमाण पत्र जारी करने को पुलिस सत्यापन अनिवार्य नहीं।
इसके साथ ही चेयरमैन ने ये प्रस्ताव भी रखा है कि पीजीआई चंडीगढ़ को आयुष्मान भारत स्कीम के तहत शामिल किया जा सके इसके लिए मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड इम्पावरमेंट को प्रस्ताव भेजा जाना चाहिए। इसमें खासतौर से मेडिकल ट्रीटमेंट और सर्जरी में आयुष्मान भारत स्कीम के तहत वित्तीय लाभ मिल सकेंगे।
वहीं अफोर्डबल रेंटल हाउसिंग स्कीम के तहत ट्रांसजेंडर्स को घरों की अलॉटमेंट को लेकर भी चर्चा की गई। किफायती किराये की आवास योजना के तहत ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को मकान आवंटन के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की आवश्यकताओं और परिस्थितियों पर विचार करते हुए उनके लिए पर्याप्त आवास विकल्प सुनिश्चित करने के संभावित रास्ते तलाशे गए। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य चंडीगढ़ में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए एक सहायक वातावरण बनाना है।
लेखक के बारे में-
कमलेश भट्टाचार्य
कमलेश भट्टाचार्य एक वरिष्ठ संवाददाता हैं जो चंडीगढ़ शहर में सामान्य समाचारों पर रिपोर्ट करते हैं। इसके अतिरिक्त, उन्हें पर्यटन उद्योग, विशेषकर उत्तरी क्षेत्र के बारे में लिखने का शौक है। उन्हें पढ़ना और क्रिकेट देखना पसंद है |
